गणेश चतुर्थी
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:59–04:47
दिन 05:35–18:25 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:59–04:47 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 17:53–19:19 1 घं 26 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:00–13:36 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 07:11–08:47 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 10:24–12:00 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:34–12:26 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 09:17–10:43 1 घं 26 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:35–07:11
- अमृत 07:11–08:47
- काल 08:47–10:24
- शुभ 10:24–12:00
- रोग 12:00–13:36
- उद्वेग 13:36–15:13
- चल 15:13–16:49
- लाभ 16:49–18:25
रात
- उद्वेग 18:25–19:49
- शुभ 19:49–21:13
- अमृत 21:13–22:36
- चल 22:36–00:00, 24 अगस्त
- रोग 00:00, 24 अगस्त–01:24, 24 अगस्त
- काल 01:24, 24 अगस्त–02:48, 24 अगस्त
- लाभ 02:48, 24 अगस्त–04:11, 24 अगस्त
- उद्वेग 04:11, 24 अगस्त–05:35, 24 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2085
- शक संवत
- 1950
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 अगस्त 2028 को कौन सी तिथि है?
23 अगस्त 2028 को शुक्ल चतुर्थी है, जो 01:55, 24 अगस्त बजे तक रहती है। (वाराणसी)
23 अगस्त 2028 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 23:16 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
23 अगस्त 2028 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 12:00 से 13:36 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 अगस्त 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:35 बजे और सूर्यास्त 18:25 बजे है।