सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:44–05:32
दिन 06:20–17:08 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:44–05:32 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:22–12:06 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 15:36–17:22 1 घं 46 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:05–14:26 1 घं 21 मि
- यमगण्ड
- 06:20–07:41 1 घं 21 मि
- गुलिक काल
- 09:02–10:23 1 घं 21 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:56–10:39 43 मिनट 14:15–14:58 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:20–07:41
- रोग 07:41–09:02
- उद्वेग 09:02–10:23
- चल 10:23–11:44
- लाभ 11:44–13:05
- अमृत 13:05–14:26
- काल 14:26–15:47
- शुभ 15:47–17:08
रात
- अमृत 17:08–18:47
- चल 18:47–20:26
- रोग 20:26–22:05
- काल 22:05–23:44
- लाभ 23:44–01:24, 24 नवम्बर
- उद्वेग 01:24, 24 नवम्बर–03:03, 24 नवम्बर
- शुभ 03:03, 24 नवम्बर–04:42, 24 नवम्बर
- अमृत 04:42, 24 नवम्बर–06:21, 24 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2085
- शक संवत
- 1950
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- मकर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 नवम्बर 2028 को कौन सी तिथि है?
23 नवम्बर 2028 को शुक्ल सप्तमी है, जो 16:37 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
23 नवम्बर 2028 को नक्षत्र कौन सा है?
धनिष्ठा नक्षत्र 03:06, 24 नवम्बर बजे तक रहता है। (वाराणसी)
23 नवम्बर 2028 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 13:05 से 14:26 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 नवम्बर 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:20 बजे और सूर्यास्त 17:08 बजे है।