पूर्णिमा
व्रतपूर्ण चंद्र ग्रहण
20:37–00:06, 1 जनवरी- स्पर्श
- 20:37
- मध्य
- 22:22
- मोक्ष
- 00:06, 1 जनवरी
- ग्रहण मान
- 1.246
- खग्रास
- 21:46–22:57
- सूतक काल
- 11:37–00:06, 1 जनवरी
सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:45–05:33
दिन 06:21–17:17 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:45–05:33 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:27–12:11 44 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:01–20:35 1 घं 34 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:55–17:17 1 घं 22 मि
- यमगण्ड
- 11:49–13:11 1 घं 22 मि
- गुलिक काल
- 14:33–15:55 1 घं 22 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 15:50–16:34 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 13:31–15:05 1 घं 34 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:21–07:43
- चल 07:43–09:05
- लाभ 09:05–10:27
- अमृत 10:27–11:49
- काल 11:49–13:11
- शुभ 13:11–14:33
- रोग 14:33–15:55
- उद्वेग 15:55–17:17
रात
- शुभ 17:17–18:55
- अमृत 18:55–20:33
- चल 20:33–22:11
- रोग 22:11–23:50
- काल 23:50–01:28, 1 जनवरी
- लाभ 01:28, 1 जनवरी–03:06, 1 जनवरी
- उद्वेग 03:06, 1 जनवरी–04:44, 1 जनवरी
- शुभ 04:44, 1 जनवरी–06:22, 1 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2085
- शक संवत
- 1950
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 दिसम्बर 2028 को कौन सी तिथि है?
31 दिसम्बर 2028 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 22:18 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
31 दिसम्बर 2028 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 04:50, 1 जनवरी बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
31 दिसम्बर 2028 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 15:55 से 17:17 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 दिसम्बर 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:21 बजे और सूर्यास्त 17:17 बजे है।