सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:51–04:39
दिन 05:27–18:05 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:51–04:39 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:21–12:11 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:02–08:37 1 घं 35 मि
- यमगण्ड
- 10:11–11:46 1 घं 35 मि
- गुलिक काल
- 13:21–14:56 1 घं 35 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:11–13:02 51 मिनट 14:43–15:34 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:10–23:56 1 घं 46 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 05:27–07:02
- काल 07:02–08:37
- शुभ 08:37–10:11
- रोग 10:11–11:46
- उद्वेग 11:46–13:21
- चल 13:21–14:56
- लाभ 14:56–16:30
- अमृत 16:30–18:05
रात
- चल 18:05–19:30
- रोग 19:30–20:55
- काल 20:55–22:21
- लाभ 22:21–23:46
- उद्वेग 23:46–01:11, 17 अप्रैल
- शुभ 01:11, 17 अप्रैल–02:36, 17 अप्रैल
- अमृत 02:36, 17 अप्रैल–04:01, 17 अप्रैल
- चल 04:01, 17 अप्रैल–05:26, 17 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 अप्रैल 2029 को कौन सी तिथि है?
16 अप्रैल 2029 को शुक्ल द्वितीया है, जो 07:47 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
16 अप्रैल 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 08:53 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
16 अप्रैल 2029 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 07:02 से 08:37 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 अप्रैल 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:27 बजे और सूर्यास्त 18:05 बजे है।