सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:00–04:48
दिन 05:36–18:23 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:00–04:48 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:34–12:25 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 16:47–18:23 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 11:59–13:35 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 15:11–16:47 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:40–17:32 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 21:04–22:50 1 घं 46 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:36–07:12
- चल 07:12–08:47
- लाभ 08:47–10:23
- अमृत 10:23–11:59
- काल 11:59–13:35
- शुभ 13:35–15:11
- रोग 15:11–16:47
- उद्वेग 16:47–18:23
रात
- शुभ 18:23–19:47
- अमृत 19:47–21:11
- चल 21:11–22:35
- रोग 22:35–23:59
- काल 23:59–01:24, 27 अगस्त
- लाभ 01:24, 27 अगस्त–02:48, 27 अगस्त
- उद्वेग 02:48, 27 अगस्त–04:12, 27 अगस्त
- शुभ 04:12, 27 अगस्त–05:36, 27 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
26 अगस्त 2029 को कौन सी तिथि है?
26 अगस्त 2029 को कृष्ण द्वितीया है, जो 09:44 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
26 अगस्त 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र 10:29 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
26 अगस्त 2029 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 16:47 से 18:23 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
26 अगस्त 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:36 बजे और सूर्यास्त 18:23 बजे है।