सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:14–05:02
दिन 05:50–17:45 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:14–05:02 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:23–12:11 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:19–08:48 1 घं 29 मि
- यमगण्ड
- 10:18–11:47 1 घं 29 मि
- गुलिक काल
- 13:16–14:46 1 घं 29 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:11–12:59 48 मिनट 14:34–15:22 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 02:55, 2 अक्टूबर–04:35, 2 अक्टूबर 1 घं 40 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 05:50–07:19
- काल 07:19–08:48
- शुभ 08:48–10:18
- रोग 10:18–11:47
- उद्वेग 11:47–13:16
- चल 13:16–14:46
- लाभ 14:46–16:15
- अमृत 16:15–17:45
रात
- चल 17:45–19:15
- रोग 19:15–20:46
- काल 20:46–22:17
- लाभ 22:17–23:47
- उद्वेग 23:47–01:18, 2 अक्टूबर
- शुभ 01:18, 2 अक्टूबर–02:49, 2 अक्टूबर
- अमृत 02:49, 2 अक्टूबर–04:19, 2 अक्टूबर
- चल 04:19, 2 अक्टूबर–05:50, 2 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?
1 अक्टूबर 2029 को कृष्ण अष्टमी है, जो 14:53 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
1 अक्टूबर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 14:29 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
1 अक्टूबर 2029 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 07:19 से 08:48 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:50 बजे और सूर्यास्त 17:45 बजे है।