सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:25–05:13
दिन 06:01–17:23 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:25–05:13 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:42–13:07 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 07:26–08:51 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 10:16–11:42 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:19–12:04 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 00:24, 25 अक्टूबर–02:12, 25 अक्टूबर 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:01–07:26
- अमृत 07:26–08:51
- काल 08:51–10:16
- शुभ 10:16–11:42
- रोग 11:42–13:07
- उद्वेग 13:07–14:32
- चल 14:32–15:57
- लाभ 15:57–17:23
रात
- उद्वेग 17:23–18:58
- शुभ 18:58–20:32
- अमृत 20:32–22:07
- चल 22:07–23:42
- रोग 23:42–01:17, 25 अक्टूबर
- काल 01:17, 25 अक्टूबर–02:51, 25 अक्टूबर
- लाभ 02:51, 25 अक्टूबर–04:26, 25 अक्टूबर
- उद्वेग 04:26, 25 अक्टूबर–06:01, 25 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
24 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?
24 अक्टूबर 2029 को कृष्ण द्वितीया है, जो 20:04 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
24 अक्टूबर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 10:53 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
24 अक्टूबर 2029 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 11:42 से 13:07 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
24 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:01 बजे और सूर्यास्त 17:23 बजे है।