कार्तिक पूर्णिमा
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:23–05:11
दिन 05:59–17:05 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:23–05:11 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 17:14–19:01 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:32–12:55 1 घं 23 मि
- यमगण्ड
- 07:22–08:45 1 घं 23 मि
- गुलिक काल
- 10:09–11:32 1 घं 23 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:10–11:54 44 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 06:28–08:16 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:59–07:22
- अमृत 07:22–08:45
- काल 08:45–10:09
- शुभ 10:09–11:32
- रोग 11:32–12:55
- उद्वेग 12:55–14:19
- चल 14:19–15:42
- लाभ 15:42–17:05
रात
- उद्वेग 17:05–18:42
- शुभ 18:42–20:19
- अमृत 20:19–21:56
- चल 21:56–23:32
- रोग 23:32–01:09, 22 नवम्बर
- काल 01:09, 22 नवम्बर–02:46, 22 नवम्बर
- लाभ 02:46, 22 नवम्बर–04:23, 22 नवम्बर
- उद्वेग 04:23, 22 नवम्बर–05:59, 22 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 नवम्बर 2029 को कौन सी तिथि है?
21 नवम्बर 2029 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 09:32 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
21 नवम्बर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 19:55 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
21 नवम्बर 2029 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 11:32 से 12:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 नवम्बर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:59 बजे और सूर्यास्त 17:05 बजे है।