दत्तात्रेय जयंती
जयंतीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:54–05:42
दिन 06:30–17:49 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:54–05:42 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:47–12:32 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 21:47–23:32 1 घं 45 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:34–14:59 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 06:30–07:54 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 09:19–10:44 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:16–11:01 45 मिनट 14:48–15:33 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 11:19–13:03 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:30–07:54
- रोग 07:54–09:19
- उद्वेग 09:19–10:44
- चल 10:44–12:09
- लाभ 12:09–13:34
- अमृत 13:34–14:59
- काल 14:59–16:24
- शुभ 16:24–17:49
रात
- अमृत 17:49–19:24
- चल 19:24–20:59
- रोग 20:59–22:35
- काल 22:35–00:10, 21 दिसम्बर
- लाभ 00:10, 21 दिसम्बर–01:45, 21 दिसम्बर
- उद्वेग 01:45, 21 दिसम्बर–03:20, 21 दिसम्बर
- शुभ 03:20, 21 दिसम्बर–04:55, 21 दिसम्बर
- अमृत 04:55, 21 दिसम्बर–06:30, 21 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
20 दिसम्बर 2029 को कौन सी तिथि है?
20 दिसम्बर 2029 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 04:16, 21 दिसम्बर बजे तक रहती है। (तिरुपति)
20 दिसम्बर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
मृगशिरा नक्षत्र 07:24, 21 दिसम्बर बजे तक रहता है। (तिरुपति)
20 दिसम्बर 2029 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 13:34 से 14:59 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
20 दिसम्बर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:30 बजे और सूर्यास्त 17:49 बजे है।