सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:08–05:56
दिन 06:44–17:18 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:08–05:56 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:40–12:22 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:00–09:41 1 घं 41 मि 04:48, 24 दिसम्बर–06:28, 24 दिसम्बर 1 घं 40 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:59–17:18 1 घं 19 मि
- यमगण्ड
- 12:01–13:20 1 घं 19 मि
- गुलिक काल
- 14:40–15:59 1 घं 19 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 15:54–16:36 42 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 18:50–20:30 1 घं 40 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 06:44–08:04
- चल 08:04–09:23
- लाभ 09:23–10:42
- अमृत 10:42–12:01
- काल 12:01–13:20
- शुभ 13:20–14:40
- रोग 14:40–15:59
- उद्वेग 15:59–17:18
रात
- शुभ 17:18–18:59
- अमृत 18:59–20:40
- चल 20:40–22:21
- रोग 22:21–00:01, 24 दिसम्बर
- काल 00:01, 24 दिसम्बर–01:42, 24 दिसम्बर
- लाभ 01:42, 24 दिसम्बर–03:23, 24 दिसम्बर
- उद्वेग 03:23, 24 दिसम्बर–05:04, 24 दिसम्बर
- शुभ 05:04, 24 दिसम्बर–06:45, 24 दिसम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 दिसम्बर 2029 को कौन सी तिथि है?
23 दिसम्बर 2029 को कृष्ण तृतीया है, जो 06:55, 24 दिसम्बर बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
23 दिसम्बर 2029 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 10:32 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
23 दिसम्बर 2029 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 15:59 से 17:18 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
23 दिसम्बर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 06:44 बजे और सूर्यास्त 17:18 बजे है।