नव वर्ष
सरकारी छुट्टीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:07–05:55
दिन 06:43–17:19 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:07–05:55 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:40–12:22 42 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 16:34–18:02 1 घं 28 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:40–16:00 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 09:22–10:42 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 12:01–13:21 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:50–09:33 42 मिनट 22:41–23:34 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 07:49–09:16 1 घं 28 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 06:43–08:03
- उद्वेग 08:03–09:22
- चल 09:22–10:42
- लाभ 10:42–12:01
- अमृत 12:01–13:21
- काल 13:21–14:40
- शुभ 14:40–16:00
- रोग 16:00–17:19
रात
- काल 17:19–19:00
- लाभ 19:00–20:40
- उद्वेग 20:40–22:21
- शुभ 22:21–00:01, 2 जनवरी
- अमृत 00:01, 2 जनवरी–01:42, 2 जनवरी
- चल 01:42, 2 जनवरी–03:22, 2 जनवरी
- रोग 03:22, 2 जनवरी–05:03, 2 जनवरी
- काल 05:03, 2 जनवरी–06:43, 2 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 जनवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
1 जनवरी 2030 को कृष्ण द्वादशी है, जो 16:24 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
1 जनवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
अनुराधा नक्षत्र 02:03, 2 जनवरी बजे तक रहता है। (वाराणसी)
1 जनवरी 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 14:40 से 16:00 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
1 जनवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:43 बजे और सूर्यास्त 17:19 बजे है।