मकर संक्रांति
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:09–05:57
दिन 06:45–17:29 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:09–05:57 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:45–12:28 43 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:05–09:26 1 घं 20 मि
- यमगण्ड
- 10:46–12:07 1 घं 20 मि
- गुलिक काल
- 13:27–14:48 1 घं 20 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:28–13:11 43 मिनट 14:37–15:20 43 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:54–22:42 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:45–08:05
- काल 08:05–09:26
- शुभ 09:26–10:46
- रोग 10:46–12:07
- उद्वेग 12:07–13:27
- चल 13:27–14:48
- लाभ 14:48–16:08
- अमृत 16:08–17:29
रात
- चल 17:29–19:08
- रोग 19:08–20:48
- काल 20:48–22:27
- लाभ 22:27–00:07, 15 जनवरी
- उद्वेग 00:07, 15 जनवरी–01:46, 15 जनवरी
- शुभ 01:46, 15 जनवरी–03:26, 15 जनवरी
- अमृत 03:26, 15 जनवरी–05:05, 15 जनवरी
- चल 05:05, 15 जनवरी–06:45, 15 जनवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- पौष
- मास (अमांत)
- पौष
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- हेमन्त
- सूर्य राशि
- धनु
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 जनवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
14 जनवरी 2030 को शुक्ल दशमी है, जो 14:03 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
14 जनवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 07:26 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
14 जनवरी 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 08:05 से 09:26 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 जनवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:45 बजे और सूर्यास्त 17:29 बजे है।