सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:44–05:32
दिन 06:20–17:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:44–05:32 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 02:19, 7 फ़रवरी–04:02, 7 फ़रवरी 1 घं 43 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:00–13:25 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 07:45–09:10 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 10:35–12:00 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:38–12:23 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 16:02–17:45 1 घं 43 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:20–07:45
- अमृत 07:45–09:10
- काल 09:10–10:35
- शुभ 10:35–12:00
- रोग 12:00–13:25
- उद्वेग 13:25–14:50
- चल 14:50–16:16
- लाभ 16:16–17:41
रात
- उद्वेग 17:41–19:15
- शुभ 19:15–20:50
- अमृत 20:50–22:25
- चल 22:25–00:00, 7 फ़रवरी
- रोग 00:00, 7 फ़रवरी–01:35, 7 फ़रवरी
- काल 01:35, 7 फ़रवरी–03:10, 7 फ़रवरी
- लाभ 03:10, 7 फ़रवरी–04:45, 7 फ़रवरी
- उद्वेग 04:45, 7 फ़रवरी–06:20, 7 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
6 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
6 फ़रवरी 2030 को शुक्ल चतुर्थी है, जो 21:41 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
6 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र 07:28, 7 फ़रवरी बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
6 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 12:00 से 13:25 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
6 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:20 बजे और सूर्यास्त 17:41 बजे है।