एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:40–05:28
दिन 06:16–17:45 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:40–05:28 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:38–12:23 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 14:50–16:33 1 घं 43 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:27–14:53 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 06:16–07:42 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 09:08–10:34 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:06–10:52 46 मिनट 14:41–15:27 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 08:50–10:33 1 घं 43 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:16–07:42
- रोग 07:42–09:08
- उद्वेग 09:08–10:34
- चल 10:34–12:00
- लाभ 12:00–13:27
- अमृत 13:27–14:53
- काल 14:53–16:19
- शुभ 16:19–17:45
रात
- अमृत 17:45–19:19
- चल 19:19–20:52
- रोग 20:52–22:26
- काल 22:26–00:00, 15 फ़रवरी
- लाभ 00:00, 15 फ़रवरी–01:34, 15 फ़रवरी
- उद्वेग 01:34, 15 फ़रवरी–03:08, 15 फ़रवरी
- शुभ 03:08, 15 फ़रवरी–04:42, 15 फ़रवरी
- अमृत 04:42, 15 फ़रवरी–06:16, 15 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- मिथुन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
14 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
14 फ़रवरी 2030 को शुक्ल एकादशी है, जो 12:49 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
14 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
आर्द्रा नक्षत्र 01:33, 15 फ़रवरी बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
14 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 13:27 से 14:53 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
14 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 06:16 बजे और सूर्यास्त 17:45 बजे है।