पूर्णिमा
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:24–06:12
दिन 07:00–18:20 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:24–06:12 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:18–13:03 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 23:17–00:50, 19 फ़रवरी 1 घं 32 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:25–09:50 1 घं 25 मि
- यमगण्ड
- 11:15–12:40 1 घं 25 मि
- गुलिक काल
- 14:05–15:30 1 घं 25 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 13:03–13:48 45 मिनट 15:19–16:04 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:03–15:35 1 घं 32 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 07:00–08:25
- काल 08:25–09:50
- शुभ 09:50–11:15
- रोग 11:15–12:40
- उद्वेग 12:40–14:05
- चल 14:05–15:30
- लाभ 15:30–16:55
- अमृत 16:55–18:20
रात
- चल 18:20–19:55
- रोग 19:55–21:30
- काल 21:30–23:05
- लाभ 23:05–00:40, 19 फ़रवरी
- उद्वेग 00:40, 19 फ़रवरी–02:15, 19 फ़रवरी
- शुभ 02:15, 19 फ़रवरी–03:50, 19 फ़रवरी
- अमृत 03:50, 19 फ़रवरी–05:25, 19 फ़रवरी
- चल 05:25, 19 फ़रवरी–07:00, 19 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
18 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
18 फ़रवरी 2030 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 11:49 बजे तक रहती है। (जयपुर)
18 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 01:36, 19 फ़रवरी बजे तक रहता है। (जयपुर)
18 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 08:25 से 09:50 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
18 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 07:00 बजे और सूर्यास्त 18:20 बजे है।