सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:22–06:10
दिन 06:58–18:22 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:22–06:10 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:17–13:03 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 15:29–16:59 1 घं 29 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:06–15:31 1 घं 26 मि
- यमगण्ड
- 06:58–08:23 1 घं 26 मि
- गुलिक काल
- 09:49–11:15 1 घं 26 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:46–11:32 46 मिनट 15:20–16:05 46 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 04:30, 22 फ़रवरी–06:00, 22 फ़रवरी 1 घं 29 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:58–08:23
- रोग 08:23–09:49
- उद्वेग 09:49–11:15
- चल 11:15–12:40
- लाभ 12:40–14:06
- अमृत 14:06–15:31
- काल 15:31–16:57
- शुभ 16:57–18:22
रात
- अमृत 18:22–19:57
- चल 19:57–21:31
- रोग 21:31–23:05
- काल 23:05–00:40, 22 फ़रवरी
- लाभ 00:40, 22 फ़रवरी–02:14, 22 फ़रवरी
- उद्वेग 02:14, 22 फ़रवरी–03:48, 22 फ़रवरी
- शुभ 03:48, 22 फ़रवरी–05:23, 22 फ़रवरी
- अमृत 05:23, 22 फ़रवरी–06:57, 22 फ़रवरी
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
21 फ़रवरी 2030 को कृष्ण चतुर्थी है, जो 03:14, 22 फ़रवरी बजे तक रहती है। (जयपुर)
21 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
हस्त नक्षत्र 21:04 बजे तक रहता है। (जयपुर)
21 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 14:06 से 15:31 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:58 बजे और सूर्यास्त 18:22 बजे है।