विजया एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:13–06:01
दिन 06:49–18:29 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 05:13–06:01 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:16–13:02 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 07:54–09:28 1 घं 34 मि 05:56, 1 मार्च–07:30, 1 मार्च 1 घं 35 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:07–15:34 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 06:49–08:17 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 09:44–11:12 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:42–11:29 47 मिनट 15:22–16:09 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:28–22:03 1 घं 35 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:49–08:17
- रोग 08:17–09:44
- उद्वेग 09:44–11:12
- चल 11:12–12:39
- लाभ 12:39–14:07
- अमृत 14:07–15:34
- काल 15:34–17:02
- शुभ 17:02–18:29
रात
- अमृत 18:29–20:01
- चल 20:01–21:34
- रोग 21:34–23:06
- काल 23:06–00:39, 1 मार्च
- लाभ 00:39, 1 मार्च–02:11, 1 मार्च
- उद्वेग 02:11, 1 मार्च–03:43, 1 मार्च
- शुभ 03:43, 1 मार्च–05:16, 1 मार्च
- अमृत 05:16, 1 मार्च–06:48, 1 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
28 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
28 फ़रवरी 2030 को कृष्ण एकादशी है, जो 14:05 बजे तक रहती है। (उज्जैन)
28 फ़रवरी 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 12:35 बजे तक रहता है। (उज्जैन)
28 फ़रवरी 2030 को राहु काल कब है?
उज्जैन में राहु काल 14:07 से 15:34 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
28 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
उज्जैन में सूर्योदय 06:49 बजे और सूर्यास्त 18:29 बजे है।