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विक्रम संवत 2086 · शक संवत 1951 · फाल्गुन · शिशिर ऋतु

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1 मार्च 2030

शुक्रवार · फाल्गुन कृष्ण द्वादशी, त्रयोदशी

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:50
दिनमान 11 घं 37 मि
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
05:19
चंद्रास्त
15:44

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:27 अगला सूर्योदय 06:50
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
12:16–13:02 01:48, 2 मार्च–03:24, 2 मार्च

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:14–06:02

अशुभ काल
गुलिक दुर्मुहूर्त राहु दुर्मुहूर्त यमगण्ड वर्ज्य
08:18–09:45 09:10–09:56 11:12–12:39 13:02–13:49 15:33–17:00 16:13–17:49
12 00

दिन 06:50–18:27 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 18:27 अगला सूर्योदय 06:50
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण द्वादशी कृष्ण त्रयोदशी
13:05 12:23, 2 मार्च तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
उत्तराषाढ़ा श्रवण
12:14 12:10, 2 मार्च तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
वरीयान परिघ
18:09 16:28, 2 मार्च तक
करण आधी तिथि
तैतिल गरज वणिज
13:05 00:42, 2 मार्च 12:23, 2 मार्च तक
वार शुक्रवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
05:14–06:02 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
12:16–13:02 46 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
01:48, 2 मार्च–03:24, 2 मार्च 1 घं 36 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
11:12–12:39 1 घं 27 मि
यमगण्ड
15:33–17:00 1 घं 27 मि
गुलिक काल
08:18–09:45 1 घं 27 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
09:10–09:56 46 मिनट 13:02–13:49 46 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
16:13–17:49 1 घं 36 मि

चौघड़िया

दिन

  • चल 06:50–08:18
  • लाभ 08:18–09:45
  • अमृत 09:45–11:12
  • काल 11:12–12:39
  • शुभ 12:39–14:06
  • रोग 14:06–15:33
  • उद्वेग 15:33–17:00
  • चल 17:00–18:27

रात

  • रोग 18:27–20:00
  • काल 20:00–21:33
  • लाभ 21:33–23:06
  • उद्वेग 23:06–00:38, 2 मार्च
  • शुभ 00:38, 2 मार्च–02:11, 2 मार्च
  • अमृत 02:11, 2 मार्च–03:44, 2 मार्च
  • चल 03:44, 2 मार्च–05:17, 2 मार्च
  • रोग 05:17, 2 मार्च–06:50, 2 मार्च

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
मास (अमांत)
माघ
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951
ऋतु
शिशिर
सूर्य राशि
कुम्भ
चंद्र राशि
मकर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?

1 मार्च 2030 को कृष्ण द्वादशी है, जो 13:05 बजे तक रहती है। (जयपुर)

1 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र 12:14 बजे तक रहता है। (जयपुर)

1 मार्च 2030 को राहु काल कब है?

जयपुर में राहु काल 11:12 से 12:39 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

1 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

जयपुर में सूर्योदय 06:50 बजे और सूर्यास्त 18:27 बजे है।