अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:42–05:30
दिन 06:18–18:01 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:42–05:30 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:46–12:33 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 05:52, 5 मार्च–07:32, 5 मार्च 1 घं 41 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:46–09:14 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 10:42–12:10 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 13:37–15:05 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:33–13:20 47 मिनट 14:54–15:41 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:49–21:29 1 घं 41 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:18–07:46
- काल 07:46–09:14
- शुभ 09:14–10:42
- रोग 10:42–12:10
- उद्वेग 12:10–13:37
- चल 13:37–15:05
- लाभ 15:05–16:33
- अमृत 16:33–18:01
रात
- चल 18:01–19:33
- रोग 19:33–21:05
- काल 21:05–22:37
- लाभ 22:37–00:09, 5 मार्च
- उद्वेग 00:09, 5 मार्च–01:41, 5 मार्च
- शुभ 01:41, 5 मार्च–03:13, 5 मार्च
- अमृत 03:13, 5 मार्च–04:45, 5 मार्च
- चल 04:45, 5 मार्च–06:17, 5 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- माघ
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- कुम्भ
- चंद्र राशि
- कुम्भ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
4 मार्च 2030 को कृष्ण अमावस्या है, जो 12:04 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
4 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
शतभिषा नक्षत्र 13:07 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
4 मार्च 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 07:46 से 09:14 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:18 बजे और सूर्यास्त 18:01 बजे है।