आमलकी एकादशी (स्मार्त)
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:39–05:27
दिन 06:15–18:14 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:39–05:27 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:51–12:39 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 09:29–11:11 1 घं 42 मि 06:03, 16 मार्च–07:41, 16 मार्च 1 घं 38 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:45–12:15 1 घं 30 मि
- यमगण्ड
- 15:15–16:45 1 घं 30 मि
- गुलिक काल
- 07:45–09:15 1 घं 30 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:39–09:27 48 मिनट 12:39–13:27 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:13–21:51 1 घं 38 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:15–07:45
- लाभ 07:45–09:15
- अमृत 09:15–10:45
- काल 10:45–12:15
- शुभ 12:15–13:45
- रोग 13:45–15:15
- उद्वेग 15:15–16:45
- चल 16:45–18:14
रात
- रोग 18:14–19:44
- काल 19:44–21:14
- लाभ 21:14–22:44
- उद्वेग 22:44–00:14, 16 मार्च
- शुभ 00:14, 16 मार्च–01:44, 16 मार्च
- अमृत 01:44, 16 मार्च–03:14, 16 मार्च
- चल 03:14, 16 मार्च–04:44, 16 मार्च
- रोग 04:44, 16 मार्च–06:14, 16 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
15 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
15 मार्च 2030 को शुक्ल एकादशी है, जो 06:17, 16 मार्च बजे तक रहती है। (लखनऊ)
15 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पुनर्वसु नक्षत्र 12:01 बजे तक रहता है। (लखनऊ)
15 मार्च 2030 को राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल 10:45 से 12:15 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
15 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
लखनऊ में सूर्योदय 06:15 बजे और सूर्यास्त 18:14 बजे है।