आमलकी एकादशी (वैष्णव)
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:18–05:06
दिन 05:54–17:56 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:18–05:06 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:31–12:19 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 06:03–07:41 1 घं 38 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 08:54–10:25 1 घं 30 मि
- यमगण्ड
- 13:25–14:56 1 घं 30 मि
- गुलिक काल
- 05:54–07:24 1 घं 30 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 05:54–06:42 48 मिनट 06:42–07:30 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 01:16, 17 मार्च–02:51, 17 मार्च 1 घं 35 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 05:54–07:24
- शुभ 07:24–08:54
- रोग 08:54–10:25
- उद्वेग 10:25–11:55
- चल 11:55–13:25
- लाभ 13:25–14:56
- अमृत 14:56–16:26
- काल 16:26–17:56
रात
- लाभ 17:56–19:26
- उद्वेग 19:26–20:55
- शुभ 20:55–22:25
- अमृत 22:25–23:55
- चल 23:55–01:24, 17 मार्च
- रोग 01:24, 17 मार्च–02:54, 17 मार्च
- काल 02:54, 17 मार्च–04:23, 17 मार्च
- लाभ 04:23, 17 मार्च–05:53, 17 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- फाल्गुन
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
16 मार्च 2030 को शुक्ल एकादशी है, जो 06:17 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
16 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य नक्षत्र 12:36 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
16 मार्च 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 08:54 से 10:25 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
16 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:54 बजे और सूर्यास्त 17:56 बजे है।