सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:26–05:14
दिन 06:02–18:09 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:26–05:14 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:07, 21 मार्च–01:34, 21 मार्च 1 घं 27 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:05–13:36 1 घं 31 मि
- यमगण्ड
- 07:33–09:04 1 घं 31 मि
- गुलिक काल
- 10:34–12:05 1 घं 31 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:41–12:30 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:25–16:52 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:02–07:33
- अमृत 07:33–09:04
- काल 09:04–10:34
- शुभ 10:34–12:05
- रोग 12:05–13:36
- उद्वेग 13:36–15:07
- चल 15:07–16:38
- लाभ 16:38–18:09
रात
- उद्वेग 18:09–19:38
- शुभ 19:38–21:07
- अमृत 21:07–22:36
- चल 22:36–00:05, 21 मार्च
- रोग 00:05, 21 मार्च–01:34, 21 मार्च
- काल 01:34, 21 मार्च–03:03, 21 मार्च
- लाभ 03:03, 21 मार्च–04:32, 21 मार्च
- उद्वेग 04:32, 21 मार्च–06:01, 21 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
20 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
20 मार्च 2030 को कृष्ण प्रतिपदा है, जो 20:29 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
20 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 07:49 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
20 मार्च 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 12:05 से 13:36 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
20 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 06:02 बजे और सूर्यास्त 18:09 बजे है।