सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:14–05:02
दिन 05:50–17:58 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:14–05:02 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:29–12:18 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 21:24–22:51 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:25–14:56 1 घं 31 मि
- यमगण्ड
- 05:50–07:21 1 घं 31 मि
- गुलिक काल
- 08:52–10:23 1 घं 31 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:52–10:41 49 मिनट 14:43–15:32 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 12:45–14:12 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 05:50–07:21
- रोग 07:21–08:52
- उद्वेग 08:52–10:23
- चल 10:23–11:54
- लाभ 11:54–13:25
- अमृत 13:25–14:56
- काल 14:56–16:27
- शुभ 16:27–17:58
रात
- अमृत 17:58–19:26
- चल 19:26–20:55
- रोग 20:55–22:24
- काल 22:24–23:53
- लाभ 23:53–01:22, 22 मार्च
- उद्वेग 01:22, 22 मार्च–02:51, 22 मार्च
- शुभ 02:51, 22 मार्च–04:20, 22 मार्च
- अमृत 04:20, 22 मार्च–05:49, 22 मार्च
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
- ऋतु
- शिशिर
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- कन्या
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
21 मार्च 2030 को कृष्ण द्वितीया है, जो 17:22 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
21 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
चित्रा नक्षत्र 03:10, 22 मार्च बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
21 मार्च 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 13:25 से 14:56 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:50 बजे और सूर्यास्त 17:58 बजे है।