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विक्रम संवत 2086 · शक संवत 1951 · चैत्र · शिशिर ऋतु

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31 मार्च 2030

रविवार · चैत्र कृष्ण त्रयोदशी, चतुर्दशी

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:32
दिनमान 12 घं 20 मि
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
05:17
चंद्रास्त
16:44

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:53 अगला सूर्योदय 06:31
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
12:18–13:07 12:19–13:59

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:56–05:44

अशुभ काल
यमगण्ड गुलिक दुर्मुहूर्त राहु वर्ज्य
12:43–14:15 15:48–17:20 17:14–18:03 17:20–18:53 02:37, 1 अप्रैल–04:19, 1 अप्रैल
12 00

दिन 06:32–18:53 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:53 अगला सूर्योदय 06:31
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण त्रयोदशी कृष्ण चतुर्दशी
01:14, 1 अप्रैल 02:11, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
शतभिषा पूर्वा भाद्रपदा
19:50 21:16, 1 अप्रैल तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
शुभ शुक्ल
19:53 19:28, 1 अप्रैल तक
करण आधी तिथि
गरज वणिज विष्टि
12:55 01:14, 1 अप्रैल 13:40, 1 अप्रैल तक
वार रविवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:56–05:44 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
12:18–13:07 49 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
12:19–13:59 1 घं 40 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
17:20–18:53 1 घं 33 मि
यमगण्ड
12:43–14:15 1 घं 33 मि
गुलिक काल
15:48–17:20 1 घं 33 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
17:14–18:03 49 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
02:37, 1 अप्रैल–04:19, 1 अप्रैल 1 घं 42 मि

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग 06:32–08:05
  • चल 08:05–09:37
  • लाभ 09:37–11:10
  • अमृत 11:10–12:43
  • काल 12:43–14:15
  • शुभ 14:15–15:48
  • रोग 15:48–17:20
  • उद्वेग 17:20–18:53

रात

  • शुभ 18:53–20:20
  • अमृत 20:20–21:47
  • चल 21:47–23:15
  • रोग 23:15–00:42, 1 अप्रैल
  • काल 00:42, 1 अप्रैल–02:09, 1 अप्रैल
  • लाभ 02:09, 1 अप्रैल–03:37, 1 अप्रैल
  • उद्वेग 03:37, 1 अप्रैल–05:04, 1 अप्रैल
  • शुभ 05:04, 1 अप्रैल–06:31, 1 अप्रैल

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
मास (अमांत)
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951
ऋतु
शिशिर
सूर्य राशि
मीन
चंद्र राशि
कुम्भ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?

31 मार्च 2030 को कृष्ण त्रयोदशी है, जो 01:14, 1 अप्रैल बजे तक रहती है। (सूरत)

31 मार्च 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

शतभिषा नक्षत्र 19:50 बजे तक रहता है। (सूरत)

31 मार्च 2030 को राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल 17:20 से 18:53 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

31 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूरत में सूर्योदय 06:32 बजे और सूर्यास्त 18:53 बजे है।