चैत्र नवरात्रि
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:51–04:39
दिन 05:27–17:52 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:51–04:39 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 22:45–00:30, 4 अप्रैल 1 घं 45 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:40–13:13 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 07:00–08:33 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 10:06–11:40 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:15–12:04 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 12:15–14:00 1 घं 45 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:27–07:00
- अमृत 07:00–08:33
- काल 08:33–10:06
- शुभ 10:06–11:40
- रोग 11:40–13:13
- उद्वेग 13:13–14:46
- चल 14:46–16:19
- लाभ 16:19–17:52
रात
- उद्वेग 17:52–19:19
- शुभ 19:19–20:46
- अमृत 20:46–22:12
- चल 22:12–23:39
- रोग 23:39–01:06, 4 अप्रैल
- काल 01:06, 4 अप्रैल–02:33, 4 अप्रैल
- लाभ 02:33, 4 अप्रैल–03:59, 4 अप्रैल
- उद्वेग 03:59, 4 अप्रैल–05:26, 4 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
3 अप्रैल 2030 को शुक्ल प्रतिपदा है, जो 05:18, 4 अप्रैल बजे तक रहती है। (कोलकाता)
3 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
रेवती नक्षत्र 01:22, 4 अप्रैल बजे तक रहता है। (कोलकाता)
3 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल 11:40 से 13:13 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
कोलकाता में सूर्योदय 05:27 बजे और सूर्यास्त 17:52 बजे है।