सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:38–05:26
दिन 06:14–18:31 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:38–05:26 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:58–12:47 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 20:00–21:47 1 घं 46 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:54–15:27 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 06:14–07:46 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 09:18–10:50 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:19–11:09 49 मिनट 15:14–16:03 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 23:33–01:20, 5 अप्रैल 1 घं 46 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:14–07:46
- रोग 07:46–09:18
- उद्वेग 09:18–10:50
- चल 10:50–12:22
- लाभ 12:22–13:54
- अमृत 13:54–15:27
- काल 15:27–16:59
- शुभ 16:59–18:31
रात
- अमृत 18:31–19:59
- चल 19:59–21:26
- रोग 21:26–22:54
- काल 22:54–00:22, 5 अप्रैल
- लाभ 00:22, 5 अप्रैल–01:50, 5 अप्रैल
- उद्वेग 01:50, 5 अप्रैल–03:17, 5 अप्रैल
- शुभ 03:17, 5 अप्रैल–04:45, 5 अप्रैल
- अमृत 04:45, 5 अप्रैल–06:13, 5 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
4 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
4 अप्रैल 2030 को शुक्ल द्वितीया है, जो 07:27, 5 अप्रैल बजे तक रहती है। (बेंगलुरु)
4 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
अश्विनी नक्षत्र 04:00, 5 अप्रैल बजे तक रहता है। (बेंगलुरु)
4 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल 13:54 से 15:27 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
4 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
बेंगलुरु में सूर्योदय 06:14 बजे और सूर्यास्त 18:31 बजे है।