गणगौर
त्योहारसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:36–05:24
दिन 06:12–18:46 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:36–05:24 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:04–12:54 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 09:21–10:55 1 घं 34 मि
- यमगण्ड
- 14:03–15:38 1 घं 34 मि
- गुलिक काल
- 06:12–07:46 1 घं 34 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 06:12–07:02 50 मिनट 07:02–07:53 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 20:30–22:18 1 घं 49 मि
चौघड़िया
दिन
- काल 06:12–07:46
- शुभ 07:46–09:21
- रोग 09:21–10:55
- उद्वेग 10:55–12:29
- चल 12:29–14:03
- लाभ 14:03–15:38
- अमृत 15:38–17:12
- काल 17:12–18:46
रात
- लाभ 18:46–20:12
- उद्वेग 20:12–21:37
- शुभ 21:37–23:03
- अमृत 23:03–00:28, 7 अप्रैल
- चल 00:28, 7 अप्रैल–01:54, 7 अप्रैल
- रोग 01:54, 7 अप्रैल–03:20, 7 अप्रैल
- काल 03:20, 7 अप्रैल–04:45, 7 अप्रैल
- लाभ 04:45, 7 अप्रैल–06:11, 7 अप्रैल
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- चैत्र
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मीन
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
6 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
6 अप्रैल 2030 को शुक्ल तृतीया है, जो 09:56 बजे तक रहती है। (जयपुर)
6 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 06:56 बजे तक रहता है। (जयपुर)
6 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 09:21 से 10:55 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
6 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:12 बजे और सूर्यास्त 18:46 बजे है।