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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · वैशाख · वसन्त ऋतु

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21 अप्रैल 2030

रविवार · वैशाख कृष्ण चतुर्थी, पंचमी

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:57
दिनमान 12 घं 57 मि
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
22:45
चंद्रास्त
08:21

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:54 अगला सूर्योदय 05:56
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:59–12:51 18:56–20:23

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:21–05:09

अशुभ काल
वर्ज्य यमगण्ड गुलिक दुर्मुहूर्त राहु
10:13–11:40 12:25–14:02 15:39–17:17 17:10–18:02 17:17–18:54
12 00

दिन 05:57–18:54 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:54 अगला सूर्योदय 05:56
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण चतुर्थी कृष्ण पंचमी
19:03 16:23, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
ज्येष्ठा मूल
02:56, 22 अप्रैल 01:14, 23 अप्रैल तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
वरीयान परिघ
15:20 11:57, 22 अप्रैल तक
करण आधी तिथि
बव बालव कौलव
08:34 19:03 05:39, 22 अप्रैल 16:23, 22 अप्रैल तक
वार रविवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:21–05:09 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:59–12:51 52 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
18:56–20:23 1 घं 27 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
17:17–18:54 1 घं 37 मि
यमगण्ड
12:25–14:02 1 घं 37 मि
गुलिक काल
15:39–17:17 1 घं 37 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
17:10–18:02 52 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
10:13–11:40 1 घं 27 मि

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग 05:57–07:34
  • चल 07:34–09:11
  • लाभ 09:11–10:48
  • अमृत 10:48–12:25
  • काल 12:25–14:02
  • शुभ 14:02–15:39
  • रोग 15:39–17:17
  • उद्वेग 17:17–18:54

रात

  • शुभ 18:54–20:16
  • अमृत 20:16–21:39
  • चल 21:39–23:02
  • रोग 23:02–00:25, 22 अप्रैल
  • काल 00:25, 22 अप्रैल–01:48, 22 अप्रैल
  • लाभ 01:48, 22 अप्रैल–03:10, 22 अप्रैल
  • उद्वेग 03:10, 22 अप्रैल–04:33, 22 अप्रैल
  • शुभ 04:33, 22 अप्रैल–05:56, 22 अप्रैल

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
मास (अमांत)
चैत्र
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वसन्त
सूर्य राशि
मेष
चंद्र राशि
वृश्चिक

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

21 अप्रैल 2030 को कृष्ण चतुर्थी है, जो 19:03 बजे तक रहती है। (जयपुर)

21 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

ज्येष्ठा नक्षत्र 02:56, 22 अप्रैल बजे तक रहता है। (जयपुर)

21 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?

जयपुर में राहु काल 17:17 से 18:54 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

21 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

जयपुर में सूर्योदय 05:57 बजे और सूर्यास्त 18:54 बजे है।