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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · वैशाख · वसन्त ऋतु

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30 अप्रैल 2030

मंगलवार · वैशाख कृष्ण त्रयोदशी, चतुर्दशी

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:54
दिनमान 13 घंटे
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
04:51
चंद्रास्त
17:03

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:54 अगला सूर्योदय 05:53
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:58–12:50 04:59, 1 मई–06:45, 1 मई

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:18–05:06

अशुभ काल
दुर्मुहूर्त यमगण्ड गुलिक राहु वर्ज्य दुर्मुहूर्त
08:30–09:22 09:09–10:46 12:24–14:01 15:39–17:16 18:24–20:10 23:17–00:01, 1 मई
12 00

दिन 05:54–18:54 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:54 अगला सूर्योदय 05:53
तिथि चंद्र दिवस
कृष्ण त्रयोदशी कृष्ण चतुर्दशी
15:22 17:23, 1 मई तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
रेवती
07:38, 1 मई तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
विष्कम्भ प्रीति
01:49, 1 मई 02:30, 2 मई तक
करण आधी तिथि
वणिज विष्टि शकुनि
15:22 04:20, 1 मई 17:23, 1 मई तक
वार मंगलवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:18–05:06 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:58–12:50 52 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
04:59, 1 मई–06:45, 1 मई 1 घं 46 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
15:39–17:16 1 घं 37 मि
यमगण्ड
09:09–10:46 1 घं 37 मि
गुलिक काल
12:24–14:01 1 घं 37 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
08:30–09:22 52 मिनट 23:17–00:01, 1 मई 44 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
18:24–20:10 1 घं 46 मि

चौघड़िया

दिन

  • रोग 05:54–07:31
  • उद्वेग 07:31–09:09
  • चल 09:09–10:46
  • लाभ 10:46–12:24
  • अमृत 12:24–14:01
  • काल 14:01–15:39
  • शुभ 15:39–17:16
  • रोग 17:16–18:54

रात

  • काल 18:54–20:16
  • लाभ 20:16–21:38
  • उद्वेग 21:38–23:01
  • शुभ 23:01–00:23, 1 मई
  • अमृत 00:23, 1 मई–01:46, 1 मई
  • चल 01:46, 1 मई–03:08, 1 मई
  • रोग 03:08, 1 मई–04:31, 1 मई
  • काल 04:31, 1 मई–05:53, 1 मई

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
मास (अमांत)
चैत्र
पक्ष
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वसन्त
सूर्य राशि
मेष
चंद्र राशि
मीन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

30 अप्रैल 2030 को कृष्ण त्रयोदशी है, जो 15:22 बजे तक रहती है। (उज्जैन)

30 अप्रैल 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

रेवती नक्षत्र 07:38, 1 मई बजे तक रहता है। (उज्जैन)

30 अप्रैल 2030 को राहु काल कब है?

उज्जैन में राहु काल 15:39 से 17:16 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

30 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

उज्जैन में सूर्योदय 05:54 बजे और सूर्यास्त 18:54 बजे है।