अमावस्या
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:49–04:37
दिन 05:25–18:33 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:49–04:37 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:33–12:26 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:38–15:16 1 घं 39 मि
- यमगण्ड
- 05:25–07:04 1 घं 39 मि
- गुलिक काल
- 08:42–10:21 1 घं 39 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:48–10:40 53 मिनट 15:03–15:56 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 05:56–07:43 1 घं 47 मि 21:11–22:59 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 05:25–07:04
- रोग 07:04–08:42
- उद्वेग 08:42–10:21
- चल 10:21–11:59
- लाभ 11:59–13:38
- अमृत 13:38–15:16
- काल 15:16–16:55
- शुभ 16:55–18:33
रात
- अमृत 18:33–19:55
- चल 19:55–21:16
- रोग 21:16–22:38
- काल 22:38–23:59
- लाभ 23:59–01:20, 3 मई
- उद्वेग 01:20, 3 मई–02:42, 3 मई
- शुभ 02:42, 3 मई–04:03, 3 मई
- अमृत 04:03, 3 मई–05:24, 3 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- वैशाख
- मास (अमांत)
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- मेष
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
2 मई 2030 को कृष्ण अमावस्या है, जो 19:42 बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
2 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
अश्विनी नक्षत्र 10:23 बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
2 मई 2030 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 13:38 से 15:16 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 05:25 बजे और सूर्यास्त 18:33 बजे है।