सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:08–04:56
दिन 05:44–18:33 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:08–04:56 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:43–12:34 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:58, 22 मई–02:29, 22 मई 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:21–16:57 1 घं 36 मि
- यमगण्ड
- 08:56–10:32 1 घं 36 मि
- गुलिक काल
- 12:08–13:45 1 घं 36 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:18–09:09 51 मिनट 23:01–23:46 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:54–17:24 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:44–07:20
- उद्वेग 07:20–08:56
- चल 08:56–10:32
- लाभ 10:32–12:08
- अमृत 12:08–13:45
- काल 13:45–15:21
- शुभ 15:21–16:57
- रोग 16:57–18:33
रात
- काल 18:33–19:57
- लाभ 19:57–21:21
- उद्वेग 21:21–22:45
- शुभ 22:45–00:08, 22 मई
- अमृत 00:08, 22 मई–01:32, 22 मई
- चल 01:32, 22 मई–02:56, 22 मई
- रोग 02:56, 22 मई–04:20, 22 मई
- काल 04:20, 22 मई–05:44, 22 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
21 मई 2030 को कृष्ण पंचमी है, जो 01:01, 22 मई बजे तक रहती है। (तिरुपति)
21 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 08:20 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
21 मई 2030 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 15:21 से 16:57 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 05:44 बजे और सूर्यास्त 18:33 बजे है।