सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:32–04:20
दिन 05:08–18:41 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:32–04:20 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:28–12:22 54 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 17:00–18:41 1 घं 42 मि
- यमगण्ड
- 11:55–13:36 1 घं 42 मि
- गुलिक काल
- 15:18–17:00 1 घं 42 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 16:53–17:47 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 19:16–21:00 1 घं 44 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:08–06:50
- चल 06:50–08:32
- लाभ 08:32–10:13
- अमृत 10:13–11:55
- काल 11:55–13:36
- शुभ 13:36–15:18
- रोग 15:18–17:00
- उद्वेग 17:00–18:41
रात
- शुभ 18:41–20:00
- अमृत 20:00–21:18
- चल 21:18–22:36
- रोग 22:36–23:55
- काल 23:55–01:13, 27 मई
- लाभ 01:13, 27 मई–02:31, 27 मई
- उद्वेग 02:31, 27 मई–03:50, 27 मई
- शुभ 03:50, 27 मई–05:08, 27 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
26 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
26 मई 2030 को कृष्ण दशमी है, जो 00:19, 27 मई बजे तक रहती है। (वाराणसी)
26 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र 08:50 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
26 मई 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 17:00 से 18:41 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
26 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:08 बजे और सूर्यास्त 18:41 बजे है।