सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:32–04:20
दिन 05:08–18:43 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:32–04:20 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 08:15–10:03 1 घं 47 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:55–13:37 1 घं 42 मि
- यमगण्ड
- 06:49–08:31 1 घं 42 मि
- गुलिक काल
- 10:13–11:55 1 घं 42 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:28–12:22 54 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 11:50–13:37 1 घं 47 मि 03:08, 30 मई–04:57, 30 मई 1 घं 48 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:08–06:49
- अमृत 06:49–08:31
- काल 08:31–10:13
- शुभ 10:13–11:55
- रोग 11:55–13:37
- उद्वेग 13:37–15:19
- चल 15:19–17:01
- लाभ 17:01–18:43
रात
- उद्वेग 18:43–20:01
- शुभ 20:01–21:19
- अमृत 21:19–22:37
- चल 22:37–23:55
- रोग 23:55–01:13, 30 मई
- काल 01:13, 30 मई–02:31, 30 मई
- लाभ 02:31, 30 मई–03:49, 30 मई
- उद्वेग 03:49, 30 मई–05:07, 30 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
29 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
29 मई 2030 को कृष्ण त्रयोदशी है, जो 06:41, 30 मई बजे तक रहती है। (वाराणसी)
29 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
अश्विनी नक्षत्र 16:19 बजे तक रहता है। (वाराणसी)
29 मई 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 11:55 से 13:37 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
29 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:08 बजे और सूर्यास्त 18:43 बजे है।