सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:30–04:18
दिन 05:06–18:22 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:30–04:18 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:17–12:10 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:58–15:46 1 घं 48 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:23–15:03 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 05:06–06:45 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 08:25–10:04 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:31–10:24 53 मिनट 14:50–15:43 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- शुभ 05:06–06:45
- रोग 06:45–08:25
- उद्वेग 08:25–10:04
- चल 10:04–11:44
- लाभ 11:44–13:23
- अमृत 13:23–15:03
- काल 15:03–16:42
- शुभ 16:42–18:22
रात
- अमृत 18:22–19:42
- चल 19:42–21:03
- रोग 21:03–22:23
- काल 22:23–23:44
- लाभ 23:44–01:04, 31 मई
- उद्वेग 01:04, 31 मई–02:25, 31 मई
- शुभ 02:25, 31 मई–03:45, 31 मई
- अमृत 03:45, 31 मई–05:06, 31 मई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ
- मास (अमांत)
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वसन्त
- सूर्य राशि
- वृषभ
- चंद्र राशि
- मेष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 मई 2030 को कौन सी तिथि है?
30 मई 2030 को कृष्ण त्रयोदशी है, जो 06:41 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
30 मई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
भरणी नक्षत्र 19:23 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
30 मई 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 13:23 से 15:03 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:06 बजे और सूर्यास्त 18:22 बजे है।