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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · आषाढ़ · ग्रीष्म ऋतु

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4 जुलाई 2030

गुरुवार · आषाढ़ शुक्ल तृतीया, चतुर्थी

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:37
दिनमान 13 घं 47 मि
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
08:40
चंद्रास्त
21:34

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:37 सूर्यास्त 19:24 अगला सूर्योदय 05:37
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
12:03–12:58 16:44–18:25

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:01–04:49

अशुभ काल
यमगण्ड वर्ज्य गुलिक दुर्मुहूर्त राहु दुर्मुहूर्त
05:37–07:20 06:38–08:19 09:04–10:47 10:13–11:08 14:14–15:58 15:44–16:39
12 00

दिन 05:37–19:24 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:37 सूर्यास्त 19:24 अगला सूर्योदय 05:37
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल तृतीया शुक्ल चतुर्थी
06:52 07:12, 5 जुलाई तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
आश्लेषा मघा
18:25 19:14, 5 जुलाई तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
वज्र सिद्धि
21:21 20:24, 5 जुलाई तक
करण आधी तिथि
गरज वणिज विष्टि
06:52 19:05 07:12, 5 जुलाई तक
वार गुरुवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:01–04:49 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
12:03–12:58 55 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
16:44–18:25 1 घं 41 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
14:14–15:58 1 घं 43 मि
यमगण्ड
05:37–07:20 1 घं 43 मि
गुलिक काल
09:04–10:47 1 घं 43 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
10:13–11:08 55 मिनट 15:44–16:39 55 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
06:38–08:19 1 घं 41 मि

चौघड़िया

दिन

  • शुभ 05:37–07:20
  • रोग 07:20–09:04
  • उद्वेग 09:04–10:47
  • चल 10:47–12:31
  • लाभ 12:31–14:14
  • अमृत 14:14–15:58
  • काल 15:58–17:41
  • शुभ 17:41–19:24

रात

  • अमृत 19:24–20:41
  • चल 20:41–21:58
  • रोग 21:58–23:14
  • काल 23:14–00:31, 5 जुलाई
  • लाभ 00:31, 5 जुलाई–01:48, 5 जुलाई
  • उद्वेग 01:48, 5 जुलाई–03:04, 5 जुलाई
  • शुभ 03:04, 5 जुलाई–04:21, 5 जुलाई
  • अमृत 04:21, 5 जुलाई–05:37, 5 जुलाई

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
मास (अमांत)
आषाढ़
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्य राशि
मिथुन
चंद्र राशि
कर्क

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?

4 जुलाई 2030 को शुक्ल तृतीया है, जो 06:52 बजे तक रहती है। (जयपुर)

4 जुलाई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

आश्लेषा नक्षत्र 18:25 बजे तक रहता है। (जयपुर)

4 जुलाई 2030 को राहु काल कब है?

जयपुर में राहु काल 14:14 से 15:58 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

4 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

जयपुर में सूर्योदय 05:37 बजे और सूर्यास्त 19:24 बजे है।