देवशयनी एकादशी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:27–05:15
दिन 06:03–19:24 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:27–05:15 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 12:17–13:10 53 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 02:30, 12 जुलाई–03:57, 12 जुलाई 1 घं 27 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:24–16:04 1 घं 40 मि
- यमगण्ड
- 06:03–07:43 1 घं 40 मि
- गुलिक काल
- 09:24–11:04 1 घं 40 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 10:30–11:24 53 मिनट 15:50–16:44 53 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 17:47–19:14 1 घं 27 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 06:03–07:43
- रोग 07:43–09:24
- उद्वेग 09:24–11:04
- चल 11:04–12:44
- लाभ 12:44–14:24
- अमृत 14:24–16:04
- काल 16:04–17:44
- शुभ 17:44–19:24
रात
- अमृत 19:24–20:44
- चल 20:44–22:04
- रोग 22:04–23:24
- काल 23:24–00:44, 12 जुलाई
- लाभ 00:44, 12 जुलाई–02:04, 12 जुलाई
- उद्वेग 02:04, 12 जुलाई–03:24, 12 जुलाई
- शुभ 03:24, 12 जुलाई–04:44, 12 जुलाई
- अमृत 04:44, 12 जुलाई–06:04, 12 जुलाई
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आषाढ़
- मास (अमांत)
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- ग्रीष्म
- सूर्य राशि
- मिथुन
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
11 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
11 जुलाई 2030 को शुक्ल एकादशी है, जो 20:17 बजे तक रहती है। (सूरत)
11 जुलाई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
विशाखा नक्षत्र 14:09 बजे तक रहता है। (सूरत)
11 जुलाई 2030 को राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल 14:24 से 16:04 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
11 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूरत में सूर्योदय 06:03 बजे और सूर्यास्त 19:24 बजे है।