सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:45–04:33
दिन 05:21–18:24 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:45–04:33 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 22:47–00:27, 1 अगस्त 1 घं 40 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 11:53–13:31 1 घं 38 मि
- यमगण्ड
- 06:59–08:37 1 घं 38 मि
- गुलिक काल
- 10:15–11:53 1 घं 38 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 11:26–12:19 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 12:48–14:28 1 घं 40 मि
चौघड़िया
दिन
- लाभ 05:21–06:59
- अमृत 06:59–08:37
- काल 08:37–10:15
- शुभ 10:15–11:53
- रोग 11:53–13:31
- उद्वेग 13:31–15:08
- चल 15:08–16:46
- लाभ 16:46–18:24
रात
- उद्वेग 18:24–19:47
- शुभ 19:47–21:09
- अमृत 21:09–22:31
- चल 22:31–23:53
- रोग 23:53–01:15, 1 अगस्त
- काल 01:15, 1 अगस्त–02:37, 1 अगस्त
- लाभ 02:37, 1 अगस्त–03:59, 1 अगस्त
- उद्वेग 03:59, 1 अगस्त–05:21, 1 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- श्रावण
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- कर्क
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
31 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
31 जुलाई 2030 को शुक्ल प्रतिपदा है, जो 17:05 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
31 जुलाई 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
आश्लेषा नक्षत्र 00:27, 1 अगस्त बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
31 जुलाई 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 11:53 से 13:31 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
31 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:21 बजे और सूर्यास्त 18:24 बजे है।