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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · श्रावण · वर्षा ऋतु

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4 अगस्त 2030

रविवार · श्रावण शुक्ल पंचमी, षष्ठी

› माह

नाग पंचमी

त्योहार

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:26
दिनमान 13 घं 15 मि
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
09:53
चंद्रास्त
21:33

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:26 सूर्यास्त 18:41 अगला सूर्योदय 05:26
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:37–12:30 18:20–19:53

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:50–04:38

अशुभ काल
वर्ज्य यमगण्ड गुलिक दुर्मुहूर्त राहु
08:58–10:31 12:04–13:43 15:22–17:02 16:55–17:48 17:02–18:41
12 00

दिन 05:26–18:41 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:26 सूर्यास्त 18:41 अगला सूर्योदय 05:26
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल पंचमी शुक्ल षष्ठी
14:26 12:56, 5 अगस्त तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
हस्त चित्रा
00:11, 5 अगस्त 23:20, 5 अगस्त तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
सिद्ध साध्य
21:45 19:26, 5 अगस्त तक
करण आधी तिथि
बालव कौलव तैतिल
14:26 01:43, 5 अगस्त 12:56, 5 अगस्त तक
वार रविवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
03:50–04:38 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:37–12:30 53 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
18:20–19:53 1 घं 34 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
17:02–18:41 1 घं 39 मि
यमगण्ड
12:04–13:43 1 घं 39 मि
गुलिक काल
15:22–17:02 1 घं 39 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
16:55–17:48 53 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
08:58–10:31 1 घं 34 मि

चौघड़िया

दिन

  • उद्वेग 05:26–07:05
  • चल 07:05–08:45
  • लाभ 08:45–10:24
  • अमृत 10:24–12:04
  • काल 12:04–13:43
  • शुभ 13:43–15:22
  • रोग 15:22–17:02
  • उद्वेग 17:02–18:41

रात

  • शुभ 18:41–20:02
  • अमृत 20:02–21:23
  • चल 21:23–22:43
  • रोग 22:43–00:04, 5 अगस्त
  • काल 00:04, 5 अगस्त–01:24, 5 अगस्त
  • लाभ 01:24, 5 अगस्त–02:45, 5 अगस्त
  • उद्वेग 02:45, 5 अगस्त–04:06, 5 अगस्त
  • शुभ 04:06, 5 अगस्त–05:26, 5 अगस्त

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
मास (अमांत)
श्रावण
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वर्षा
सूर्य राशि
कर्क
चंद्र राशि
कन्या

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?

4 अगस्त 2030 को शुक्ल पंचमी है, जो 14:26 बजे तक रहती है। (वाराणसी)

4 अगस्त 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

हस्त नक्षत्र 00:11, 5 अगस्त बजे तक रहता है। (वाराणसी)

4 अगस्त 2030 को राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल 17:02 से 18:41 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

4 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

वाराणसी में सूर्योदय 05:26 बजे और सूर्यास्त 18:41 बजे है।