कृष्ण जन्माष्टमी
जयंती · सरकारी छुट्टीसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:25–05:13
दिन 06:01–18:58 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:25–05:13 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- —
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 16:42–18:30 1 घं 48 मि
बुधवार को अभिजित मुहूर्त नहीं होता।
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 12:29–14:07 1 घं 37 मि
- यमगण्ड
- 07:38–09:15 1 घं 37 मि
- गुलिक काल
- 10:52–12:29 1 घं 37 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:03–12:55 52 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- लाभ 06:01–07:38
- अमृत 07:38–09:15
- काल 09:15–10:52
- शुभ 10:52–12:29
- रोग 12:29–14:07
- उद्वेग 14:07–15:44
- चल 15:44–17:21
- लाभ 17:21–18:58
रात
- उद्वेग 18:58–20:21
- शुभ 20:21–21:44
- अमृत 21:44–23:07
- चल 23:07–00:30, 22 अगस्त
- रोग 00:30, 22 अगस्त–01:52, 22 अगस्त
- काल 01:52, 22 अगस्त–03:15, 22 अगस्त
- लाभ 03:15, 22 अगस्त–04:38, 22 अगस्त
- उद्वेग 04:38, 22 अगस्त–06:01, 22 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- वृषभ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
21 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
21 अगस्त 2030 को कृष्ण अष्टमी है, जो 20:01 बजे तक रहती है। (जयपुर)
21 अगस्त 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
कृत्तिका नक्षत्र 19:24 बजे तक रहता है। (जयपुर)
21 अगस्त 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 12:29 से 14:07 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
21 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:01 बजे और सूर्यास्त 18:58 बजे है।