सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:24–05:12
दिन 06:00–18:25 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:24–05:12 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:48–12:37 50 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:02, 31 अगस्त–01:35, 31 अगस्त 1 घं 33 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:39–12:12 1 घं 33 मि
- यमगण्ड
- 15:19–16:52 1 घं 33 मि
- गुलिक काल
- 07:33–09:06 1 घं 33 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:29–09:19 50 मिनट 12:37–13:27 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:43–16:16 1 घं 33 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 06:00–07:33
- लाभ 07:33–09:06
- अमृत 09:06–10:39
- काल 10:39–12:12
- शुभ 12:12–13:45
- रोग 13:45–15:19
- उद्वेग 15:19–16:52
- चल 16:52–18:25
रात
- रोग 18:25–19:52
- काल 19:52–21:19
- लाभ 21:19–22:46
- उद्वेग 22:46–00:12, 31 अगस्त
- शुभ 00:12, 31 अगस्त–01:39, 31 अगस्त
- अमृत 01:39, 31 अगस्त–03:06, 31 अगस्त
- चल 03:06, 31 अगस्त–04:33, 31 अगस्त
- रोग 04:33, 31 अगस्त–06:00, 31 अगस्त
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
30 अगस्त 2030 को शुक्ल द्वितीया है, जो 02:13, 31 अगस्त बजे तक रहती है। (तिरुपति)
30 अगस्त 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र 07:44 बजे तक रहता है। (तिरुपति)
30 अगस्त 2030 को राहु काल कब है?
तिरुपति में राहु काल 10:39 से 12:12 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
तिरुपति में सूर्योदय 06:00 बजे और सूर्यास्त 18:25 बजे है।