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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · भाद्रपद · वर्षा ऋतु

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31 अगस्त 2030

शनिवार · भाद्रपद शुक्ल तृतीया, चतुर्थी

› माह

हरतालिका तीज

व्रत

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:38
दिनमान 12 घं 40 मि
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
07:46
चंद्रास्त
19:33

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 18:18 अगला सूर्योदय 05:38
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:32–12:23 00:16, 1 सितम्बर–01:48, 1 सितम्बर

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:02–04:50

अशुभ काल
गुलिक दुर्मुहूर्त दुर्मुहूर्त राहु यमगण्ड वर्ज्य
05:38–07:13 05:38–06:28 06:28–07:19 08:48–10:23 13:33–15:08 15:04–16:36
12 00

दिन 05:38–18:18 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:38 सूर्यास्त 18:18 अगला सूर्योदय 05:38
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल तृतीया शुक्ल चतुर्थी
00:31, 1 सितम्बर 22:38, 1 सितम्बर तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
उत्तरा फाल्गुनी हस्त
07:01 06:01, 1 सितम्बर तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
साध्य शुभ शुक्ल
06:51 04:22, 1 सितम्बर 01:45, 2 सितम्बर तक
करण आधी तिथि
तैतिल गरज वणिज
13:24 00:31, 1 सितम्बर 11:36, 1 सितम्बर तक
वार शनिवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:02–04:50 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:32–12:23 51 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
00:16, 1 सितम्बर–01:48, 1 सितम्बर 1 घं 32 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
08:48–10:23 1 घं 35 मि
यमगण्ड
13:33–15:08 1 घं 35 मि
गुलिक काल
05:38–07:13 1 घं 35 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
05:38–06:28 51 मिनट 06:28–07:19 51 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
15:04–16:36 1 घं 32 मि

चौघड़िया

दिन

  • काल 05:38–07:13
  • शुभ 07:13–08:48
  • रोग 08:48–10:23
  • उद्वेग 10:23–11:58
  • चल 11:58–13:33
  • लाभ 13:33–15:08
  • अमृत 15:08–16:43
  • काल 16:43–18:18

रात

  • लाभ 18:18–19:43
  • उद्वेग 19:43–21:08
  • शुभ 21:08–22:33
  • अमृत 22:33–23:58
  • चल 23:58–01:23, 1 सितम्बर
  • रोग 01:23, 1 सितम्बर–02:48, 1 सितम्बर
  • काल 02:48, 1 सितम्बर–04:13, 1 सितम्बर
  • लाभ 04:13, 1 सितम्बर–05:38, 1 सितम्बर

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
मास (अमांत)
भाद्रपद
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
वर्षा
सूर्य राशि
सिंह
चंद्र राशि
कन्या

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?

31 अगस्त 2030 को शुक्ल तृतीया है, जो 00:31, 1 सितम्बर बजे तक रहती है। (वाराणसी)

31 अगस्त 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 07:01 बजे तक रहता है। (वाराणसी)

31 अगस्त 2030 को राहु काल कब है?

वाराणसी में राहु काल 08:48 से 10:23 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

31 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

वाराणसी में सूर्योदय 05:38 बजे और सूर्यास्त 18:18 बजे है।