ऋषि पंचमी
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:02–04:50
दिन 05:38–18:16 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:02–04:50 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:32–12:22 51 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 19:15–20:46 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:13–08:48 1 घं 35 मि
- यमगण्ड
- 10:22–11:57 1 घं 35 मि
- गुलिक काल
- 13:32–15:07 1 घं 35 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:22–13:13 51 मिनट 14:54–15:44 51 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 10:09–11:40 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 05:38–07:13
- काल 07:13–08:48
- शुभ 08:48–10:22
- रोग 10:22–11:57
- उद्वेग 11:57–13:32
- चल 13:32–15:07
- लाभ 15:07–16:41
- अमृत 16:41–18:16
रात
- चल 18:16–19:41
- रोग 19:41–21:07
- काल 21:07–22:32
- लाभ 22:32–23:57
- उद्वेग 23:57–01:23, 3 सितम्बर
- शुभ 01:23, 3 सितम्बर–02:48, 3 सितम्बर
- अमृत 02:48, 3 सितम्बर–04:13, 3 सितम्बर
- चल 04:13, 3 सितम्बर–05:39, 3 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- भाद्रपद
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2 सितम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
2 सितम्बर 2030 को शुक्ल पंचमी है, जो 20:37 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
2 सितम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 03:35, 3 सितम्बर बजे तक रहता है। (वाराणसी)
2 सितम्बर 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 07:13 से 08:48 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
2 सितम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:38 बजे और सूर्यास्त 18:16 बजे है।