सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 03:57–04:45
दिन 05:33–17:51 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 03:57–04:45 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:17–12:07 49 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 13:52–15:31 1 घं 39 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:10–11:42 1 घं 32 मि
- यमगण्ड
- 14:47–16:19 1 घं 32 मि
- गुलिक काल
- 07:05–08:37 1 घं 32 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:01–08:50 49 मिनट 12:07–12:56 49 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- —
चौघड़िया
दिन
- चल 05:33–07:05
- लाभ 07:05–08:37
- अमृत 08:37–10:10
- काल 10:10–11:42
- शुभ 11:42–13:14
- रोग 13:14–14:47
- उद्वेग 14:47–16:19
- चल 16:19–17:51
रात
- रोग 17:51–19:19
- काल 19:19–20:47
- लाभ 20:47–22:14
- उद्वेग 22:14–23:42
- शुभ 23:42–01:10, 14 सितम्बर
- अमृत 01:10, 14 सितम्बर–02:38, 14 सितम्बर
- चल 02:38, 14 सितम्बर–04:05, 14 सितम्बर
- रोग 04:05, 14 सितम्बर–05:33, 14 सितम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- वर्षा
- सूर्य राशि
- सिंह
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
13 सितम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
13 सितम्बर 2030 को कृष्ण द्वितीया है, जो 02:39, 14 सितम्बर बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
13 सितम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र 18:49 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
13 सितम्बर 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 10:10 से 11:42 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
13 सितम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:33 बजे और सूर्यास्त 17:51 बजे है।