सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:42–05:30
दिन 06:18–18:14 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:42–05:30 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:52–12:40 48 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:14, 1 अक्टूबर–01:43, 1 अक्टूबर 1 घं 29 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 07:48–09:17 1 घं 29 मि
- यमगण्ड
- 10:47–12:16 1 घं 29 मि
- गुलिक काल
- 13:46–15:15 1 घं 29 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 12:40–13:28 48 मिनट 15:03–15:51 48 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:22–16:51 1 घं 29 मि
चौघड़िया
दिन
- अमृत 06:18–07:48
- काल 07:48–09:17
- शुभ 09:17–10:47
- रोग 10:47–12:16
- उद्वेग 12:16–13:46
- चल 13:46–15:15
- लाभ 15:15–16:45
- अमृत 16:45–18:14
रात
- चल 18:14–19:45
- रोग 19:45–21:15
- काल 21:15–22:46
- लाभ 22:46–00:16, 1 अक्टूबर
- उद्वेग 00:16, 1 अक्टूबर–01:47, 1 अक्टूबर
- शुभ 01:47, 1 अक्टूबर–03:18, 1 अक्टूबर
- अमृत 03:18, 1 अक्टूबर–04:48, 1 अक्टूबर
- चल 04:48, 1 अक्टूबर–06:19, 1 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- तुला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 सितम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
30 सितम्बर 2030 को शुक्ल तृतीया है, जो 08:03 बजे तक रहती है। (जयपुर)
30 सितम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
स्वाति नक्षत्र 10:12 बजे तक रहता है। (जयपुर)
30 सितम्बर 2030 को राहु काल कब है?
जयपुर में राहु काल 07:48 से 09:17 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
30 सितम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
जयपुर में सूर्योदय 06:18 बजे और सूर्यास्त 18:14 बजे है।