सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:14–05:02
दिन 05:50–17:43 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:14–05:02 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:23–12:10 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 21:39–23:09 1 घं 31 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 13:16–14:45 1 घं 29 मि
- यमगण्ड
- 05:50–07:19 1 घं 29 मि
- गुलिक काल
- 08:48–10:17 1 घं 29 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 09:48–10:35 47 मिनट 14:33–15:20 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 12:35–14:06 1 घं 31 मि 02:10, 4 अक्टूबर–03:41, 4 अक्टूबर 1 घं 31 मि
चौघड़िया
दिन
- शुभ 05:50–07:19
- रोग 07:19–08:48
- उद्वेग 08:48–10:17
- चल 10:17–11:47
- लाभ 11:47–13:16
- अमृत 13:16–14:45
- काल 14:45–16:14
- शुभ 16:14–17:43
रात
- अमृत 17:43–19:14
- चल 19:14–20:45
- रोग 20:45–22:16
- काल 22:16–23:47
- लाभ 23:47–01:18, 4 अक्टूबर
- उद्वेग 01:18, 4 अक्टूबर–02:49, 4 अक्टूबर
- शुभ 02:49, 4 अक्टूबर–04:20, 4 अक्टूबर
- अमृत 04:20, 4 अक्टूबर–05:51, 4 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- धनु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
3 अक्टूबर 2030 को शुक्ल सप्तमी है, जो 22:24 बजे तक रहती है। (वाराणसी)
3 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मूल नक्षत्र 03:41, 4 अक्टूबर बजे तक रहता है। (वाराणसी)
3 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?
वाराणसी में राहु काल 13:16 से 14:45 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
3 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
वाराणसी में सूर्योदय 05:50 बजे और सूर्यास्त 17:43 बजे है।