पूर्णिमा
व्रतसूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:22–05:10
दिन 05:58–17:39 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:22–05:10 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:25–12:12 47 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 01:28, 12 अक्टूबर–03:10, 12 अक्टूबर 1 घं 42 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 10:21–11:49 1 घं 28 मि
- यमगण्ड
- 14:44–16:11 1 घं 28 मि
- गुलिक काल
- 07:26–08:54 1 घं 28 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:19–09:05 47 मिनट 12:12–12:59 47 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 15:18–16:59 1 घं 42 मि
चौघड़िया
दिन
- चल 05:58–07:26
- लाभ 07:26–08:54
- अमृत 08:54–10:21
- काल 10:21–11:49
- शुभ 11:49–13:16
- रोग 13:16–14:44
- उद्वेग 14:44–16:11
- चल 16:11–17:39
रात
- रोग 17:39–19:12
- काल 19:12–20:44
- लाभ 20:44–22:16
- उद्वेग 22:16–23:49
- शुभ 23:49–01:21, 12 अक्टूबर
- अमृत 01:21, 12 अक्टूबर–02:54, 12 अक्टूबर
- चल 02:54, 12 अक्टूबर–04:26, 12 अक्टूबर
- रोग 04:26, 12 अक्टूबर–05:59, 12 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- कन्या
- चंद्र राशि
- मीन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
11 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
11 अक्टूबर 2030 को शुक्ल पूर्णिमा है, जो 16:16 बजे तक रहती है। (प्रयागराज)
11 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
रेवती नक्षत्र 04:01, 12 अक्टूबर बजे तक रहता है। (प्रयागराज)
11 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?
प्रयागराज में राहु काल 10:21 से 11:49 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
11 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
प्रयागराज में सूर्योदय 05:58 बजे और सूर्यास्त 17:39 बजे है।