सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:07–04:55
दिन 05:43–17:18 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:07–04:55 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:07–11:54 46 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- 00:20, 23 अक्टूबर–01:58, 23 अक्टूबर 1 घं 38 मि
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 14:24–15:51 1 घं 27 मि
- यमगण्ड
- 08:37–10:04 1 घं 27 मि
- गुलिक काल
- 11:31–12:57 1 घं 27 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 08:02–08:49 46 मिनट 22:16–23:06 50 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 14:33–16:11 1 घं 38 मि
चौघड़िया
दिन
- रोग 05:43–07:10
- उद्वेग 07:10–08:37
- चल 08:37–10:04
- लाभ 10:04–11:31
- अमृत 11:31–12:57
- काल 12:57–14:24
- शुभ 14:24–15:51
- रोग 15:51–17:18
रात
- काल 17:18–18:51
- लाभ 18:51–20:24
- उद्वेग 20:24–21:57
- शुभ 21:57–23:31
- अमृत 23:31–01:04, 23 अक्टूबर
- चल 01:04, 23 अक्टूबर–02:37, 23 अक्टूबर
- रोग 02:37, 23 अक्टूबर–04:11, 23 अक्टूबर
- काल 04:11, 23 अक्टूबर–05:44, 23 अक्टूबर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- मास (अमांत)
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- सिंह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
22 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
22 अक्टूबर 2030 को कृष्ण दशमी है, जो 10:46 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
22 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
मघा नक्षत्र 02:47, 23 अक्टूबर बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
22 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 14:24 से 15:51 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
22 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:43 बजे और सूर्यास्त 17:18 बजे है।