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विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · कार्तिक · शरद ऋतु

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31 अक्टूबर 2030

गुरुवार · कार्तिक शुक्ल पंचमी, षष्ठी

› माह

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
05:47
दिनमान 11 घं 25 मि
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
10:18
चंद्रास्त
21:33

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:12 अगला सूर्योदय 05:48
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:07–11:53 04:00, 1 नवम्बर–05:30, 1 नवम्बर

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:11–04:59

अशुभ काल
यमगण्ड वर्ज्य गुलिक दुर्मुहूर्त राहु दुर्मुहूर्त वर्ज्य
05:47–07:13 08:38–10:06 08:38–10:04 09:36–10:21 12:55–14:21 14:10–14:55 19:03–20:33
12 00

दिन 05:47–17:12 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 05:47 सूर्यास्त 17:12 अगला सूर्योदय 05:48
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल पंचमी शुक्ल षष्ठी
10:25 08:04, 1 नवम्बर तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
मूल पूर्वाषाढ़ा
10:06 08:29, 1 नवम्बर तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
सुकर्मा धृति
20:14 17:19, 1 नवम्बर तक
करण आधी तिथि
बालव कौलव तैतिल
10:25 21:11 08:04, 1 नवम्बर तक
वार गुरुवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
04:11–04:59 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:07–11:53 46 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
04:00, 1 नवम्बर–05:30, 1 नवम्बर 1 घं 30 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
12:55–14:21 1 घं 26 मि
यमगण्ड
05:47–07:13 1 घं 26 मि
गुलिक काल
08:38–10:04 1 घं 26 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
09:36–10:21 46 मिनट 14:10–14:55 46 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
08:38–10:06 1 घं 28 मि 19:03–20:33 1 घं 30 मि

चौघड़िया

दिन

  • शुभ 05:47–07:13
  • रोग 07:13–08:38
  • उद्वेग 08:38–10:04
  • चल 10:04–11:30
  • लाभ 11:30–12:55
  • अमृत 12:55–14:21
  • काल 14:21–15:47
  • शुभ 15:47–17:12

रात

  • अमृत 17:12–18:47
  • चल 18:47–20:21
  • रोग 20:21–21:55
  • काल 21:55–23:30
  • लाभ 23:30–01:04, 1 नवम्बर
  • उद्वेग 01:04, 1 नवम्बर–02:39, 1 नवम्बर
  • शुभ 02:39, 1 नवम्बर–04:13, 1 नवम्बर
  • अमृत 04:13, 1 नवम्बर–05:48, 1 नवम्बर

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
मास (अमांत)
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
शरद
सूर्य राशि
तुला
चंद्र राशि
धनु

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?

31 अक्टूबर 2030 को शुक्ल पंचमी है, जो 10:25 बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)

31 अक्टूबर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

मूल नक्षत्र 10:06 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)

31 अक्टूबर 2030 को राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल 12:55 से 14:21 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

31 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:47 बजे और सूर्यास्त 17:12 बजे है।