हिन्दू कैलेंडर

विक्रम संवत 2087 · शक संवत 1952 · कार्तिक · शरद ऋतु

‹

1 नवम्बर 2030

शुक्रवार · कार्तिक शुक्ल षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी

› माह

छठ पूजा

त्योहार

सूर्य और चंद्र

सूर्योदय
06:36
दिनमान 11 घं 8 मि
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
12:03
चंद्रास्त
23:07

दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:44 अगला सूर्योदय 06:37
शुभ मुहूर्त
अभिजित अमृत
11:48–12:32 01:14, 2 नवम्बर–02:45, 2 नवम्बर

पट्टी के बाहर: ब्रह्म 05:00–05:48

अशुभ काल
गुलिक दुर्मुहूर्त राहु दुर्मुहूर्त यमगण्ड वर्ज्य
07:59–09:23 08:49–09:34 10:46–12:10 12:32–13:17 14:57–16:20 16:06–17:37
12 00

दिन 06:36–17:44 रात

पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:44 अगला सूर्योदय 06:37
तिथि चंद्र दिवस
शुक्ल षष्ठी शुक्ल सप्तमी
08:04 06:11, 2 नवम्बर 04:48, 3 नवम्बर तक
नक्षत्र चंद्र का तारा
पूर्वाषाढ़ा उत्तराषाढ़ा
08:29 07:19, 2 नवम्बर तक
योग सूर्य–चंद्र का अंतर
धृति शूल
17:19 14:47, 2 नवम्बर तक
करण आधी तिथि
तैतिल गरज वणिज
08:04 19:04 06:11, 2 नवम्बर 17:26, 2 नवम्बर तक
वार शुक्रवार
12 00

शुभ मुहूर्त

इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
05:00–05:48 48 मिनट
अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
11:48–12:32 45 मिनट
अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
01:14, 2 नवम्बर–02:45, 2 नवम्बर 1 घं 31 मि

अशुभ काल

इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें

राहु काल वार के अनुसार
10:46–12:10 1 घं 23 मि
यमगण्ड
14:57–16:20 1 घं 23 मि
गुलिक काल
07:59–09:23 1 घं 23 मि
दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
08:49–09:34 45 मिनट 12:32–13:17 45 मिनट
वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
16:06–17:37 1 घं 31 मि

चौघड़िया

दिन

  • चल 06:36–07:59
  • लाभ 07:59–09:23
  • अमृत 09:23–10:46
  • काल 10:46–12:10
  • शुभ 12:10–13:33
  • रोग 13:33–14:57
  • उद्वेग 14:57–16:20
  • चल 16:20–17:44

रात

  • रोग 17:44–19:20
  • काल 19:20–20:57
  • लाभ 20:57–22:33
  • उद्वेग 22:33–00:10, 2 नवम्बर
  • शुभ 00:10, 2 नवम्बर–01:47, 2 नवम्बर
  • अमृत 01:47, 2 नवम्बर–03:23, 2 नवम्बर
  • चल 03:23, 2 नवम्बर–05:00, 2 नवम्बर
  • रोग 05:00, 2 नवम्बर–06:37, 2 नवम्बर

मास, संवत और ऋतु

मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
मास (अमांत)
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952
ऋतु
शरद
सूर्य राशि
तुला
चंद्र राशि
धनु

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?

1 नवम्बर 2030 को शुक्ल षष्ठी है, जो 08:04 बजे तक रहती है। (जयपुर)

1 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 08:29 बजे तक रहता है। (जयपुर)

1 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?

जयपुर में राहु काल 10:46 से 12:10 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

1 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

जयपुर में सूर्योदय 06:36 बजे और सूर्यास्त 17:44 बजे है।