सूर्य और चंद्र
दिन भर का समय शुभ और अशुभ काल एक ही पट्टी पर
पट्टी के बाहर: ब्रह्म 04:20–05:08
दिन 05:56–17:06 रात
पंचांग के पाँच अंग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
शुभ मुहूर्त
इन समयों में शुभ कार्य किए जाते हैं
- ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले
- 04:20–05:08 48 मिनट
- अभिजित मध्याह्न का मुहूर्त
- 11:09–11:53 45 मिनट
- अमृत काल नक्षत्र पर आधारित
- —
अशुभ काल
इन समयों में नया कार्य आरंभ न करें
- राहु काल वार के अनुसार
- 15:42–17:06 1 घं 24 मि
- यमगण्ड
- 11:31–12:55 1 घं 24 मि
- गुलिक काल
- 14:18–15:42 1 घं 24 मि
- दुर्मुहूर्त दिनमान के भागों पर
- 15:36–16:21 45 मिनट
- वर्ज्य नक्षत्र के त्याज्य अंश पर
- 22:38–00:21, 18 नवम्बर 1 घं 43 मि
चौघड़िया
दिन
- उद्वेग 05:56–07:20
- चल 07:20–08:44
- लाभ 08:44–10:07
- अमृत 10:07–11:31
- काल 11:31–12:55
- शुभ 12:55–14:18
- रोग 14:18–15:42
- उद्वेग 15:42–17:06
रात
- शुभ 17:06–18:42
- अमृत 18:42–20:19
- चल 20:19–21:55
- रोग 21:55–23:31
- काल 23:31–01:08, 18 नवम्बर
- लाभ 01:08, 18 नवम्बर–02:44, 18 नवम्बर
- उद्वेग 02:44, 18 नवम्बर–04:20, 18 नवम्बर
- शुभ 04:20, 18 नवम्बर–05:57, 18 नवम्बर
मास, संवत और ऋतु
- मास (पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
- ऋतु
- शरद
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- चंद्र राशि
- कर्क
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 नवम्बर 2030 को कौन सी तिथि है?
17 नवम्बर 2030 को कृष्ण सप्तमी है, जो 01:30, 18 नवम्बर बजे तक रहती है। (भुवनेश्वर)
17 नवम्बर 2030 को नक्षत्र कौन सा है?
पुष्य नक्षत्र 08:50 बजे तक रहता है। (भुवनेश्वर)
17 नवम्बर 2030 को राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल 15:42 से 17:06 बजे तक है। इस समय शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
17 नवम्बर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:56 बजे और सूर्यास्त 17:06 बजे है।